आयुर्वेदिक उपाय

  1. स्वस्थ रहने के स्वर्णिम सूत्र
  2. सर दर्द से राहत के लिए
  3. बालों की रूसी दूर करने के लिए
  4. गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए
  5. कैसे करें डायबिटीज कंट्रोल?
  6. रूखी त्वचा से निपटने के नुस्खे
  7. पेट दर्द से आराम के नुस्खे
  8. उल्टी या उबकाई से बचने के उपाय
  9. पाए कब्ज से छुटकारा
  10. अरुचि या भूख ना लगने के उपाय
  11. हार्ट अटैक से बचने के उपाय
  12. हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक ईलाज !
  13. पेट कम करने के उपाय
  14. बवासीर का उपचार
  15. हीट स्‍ट्रोक से बचने के उपाय
  16. अनियमित माहवारी से बचने के उपाय
  17. गर्भावस्‍था के दौरान भूख बढ़ाने के उपाय
  18. कम नींद आने का इलाज
  19. दाग-धब्‍बे और मुंहासों से मुक्‍ती दिलाए दही फेस पैक
  20. आयुर्वेदिक तरीकों से हेयर रिग्रोथ
  21. माइग्रेन से बचने के उपाय
  22. जुकाम से बचने के उपाय
  23. दमा से बचाव का उपाय
  24. डेंगू से बचाव का उपाय
  25. बालों में कुदरती चमक के उपाय
  26. दूध पिने के कुछ नियम
  27. किसी अमृत से कम नहीं गौमूत्र
  28. औषधि के समान है गाय का घी
  29. तांबे के बर्तन में पानी पीने के लाभ
  30. कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न
  31. कैसे बढ़ाएं अपना वजन ?
  32. फिट रहने के लिए हर दिन कितनी कैलोरी लें ?
  33. स्वास्थ्य रक्षक नींबू
  34. उच्‍च रक्‍तचाप या हाइपरटेंशन
  35. आयुर्वेद से काबू करें अस्थमा
  36. घुटनों के दर्द से छुटकारा पाएँ
  37. बालतोड़ के घरेलू नुस्खे
  38. दुबलापन से बचाव का उपाय
  39. लू से बचने के घरेलू उपाय
  40. खाँसी के घरेलू उपाय
  41. कैंसर से बचने के उपाय
  42. कील-मुंहासे से बचने के उपाय
  43. सन्धिवात (गठिया) की चिकित्सा
  44. नमक से बुखार की छुट्टी
  45. तुलसी की रोगनाशक शक्ति
  46. नेत्र ज्योति बढ़ाने के उपाय
  47. गर्मियों में सेहत और आयुर्वेद
  48. बहुत ही चमत्कारी दवा!
  49. चुटकी भर 'जीरा' से होगा वजन कम
  50. अजवाइन का पानी अपनाएँ और मोटापे से छुटकारा पाएँ
  51. खुजली को कहे बाई-बाई
  52. जैतून के 12 लाभकारी फायदे
  53. अमर बेल : खुजली, गंजापन,सूतिका रोग, बांझपन(गर्भाशय का न ठहरना)
  54. आंवला : खूनी अतिसार,प्रमेह (वीर्य विकार),स्वप्नदोष,निमोनिया)
  55. नारियल पानी पीने के फायदे
  56. इसबगोल इन 9 रोगों की एक रामबाण औषिधि है
  57. गर्मियों में सिर्फ ठंडक देने के अलावा इन रोगों से भी बचायेगा खीरे का पानी
  58. वरदान है पपीते के पत्ते का रस, यह 7 रोगों की अचूक औषधि
  59. सौंफ के अद्भुत फायदे
  60. शतावरी 100 रोगों में करती है चमत्कारिक फायदे
  61. सैंधा नमक (काला नमक) का पानी, सभी रोगों का रामबाण उपचार
  62. अनार के बीज के ये अद्भुत फायदे
  63. अखरोट के चमत्कारिक फायदे
  64. बादाम के चमत्कारिक फायदे
  65. पसीने की बदबू से बचने के उपाय
  66. बालों को काला करने की प्राकृतिक डाई
  67. फिटकरी के चमत्कारिक फायदे
  68. मधुमेह या डायबिटीज़ के लिए संजीवनी बूटी
  69. घर पर बनाएं बालों के लिए केमिकल-फ्री Hair Gel+Conditioner
  70. हिलते दाँतों के लिए घरेलु आयुर्वेदिक उपाय
  71. 20 घरेलू नुस्खे जो आपको रखेंगे सभी रोगों से दूर

कम नींद आने का इलाज
Solution for Sleep Deprivation

गुड़हल एक खूबसूरत फूलों वाला पौधा है, जो आमतौर पर ट्रॉपिकल और गर्म क्षेत्रों में पाया जाता है। इस पौधे की कई प्रजातियां पाई जाती है और सभी अपने खूबसूरत फूलों के जानी जाती है। मजेदार बात यह है कि गुड़हल का फूल दक्षिण कोरिया, मलेशिया और हैथी गणराज्य का राष्ट्रीय फूल है। भारत में इस फूल को काफी शुभ माना जाता है और कई धार्मिक संस्कारों और चढ़ावें में इसका इस्तेमाल किया जाता है। प्रचीन भारतीय आयुर्वेद में गुड़हल का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता था।

गुड़हल की पत्ती का इस्तेमाल न सिर्फ औषधीय, बल्कि कई रूपों में किया जाता है। कई बार तो इसका इस्तेमाल पार्क और गार्डन को सजाने के लिए भी किया जाता है। गुड़हल की पत्ती को विभिन्न तरह से इस्तेमाल के लिए अलग-अलग रूपों में संसाधित किया जाता है। गुड़हल की सूखी पत्ती का इस्तेमाल मैक्सिकन जैसे कई व्यंजन को सजाने के लिए भी किया जाता है। साथ ही इसकी पत्ती का इस्तेमाल चाय बनाने के लिए किया जाता है, जो कई देशों में अलग-अलग नामों से चर्चित है।

कई शोध के जरिए वैज्ञानिक रूप से यह बात सिद्ध हो चुकी है कि गुड़हल की पत्ती में औषधीय गुण पाए जाते हैं। 2008 में यूएसडीए के अध्ययन में पाया गया कि गुड़हल का चाय पीने से ब्लड प्रेशर कम होता है। आयुर्वेद में लाल और सफेद गुड़हल को औषधीय गुण से भरपूर माना जाता है और इसका इस्तेमाल खांसी, बालों के झड़ने और बालों के सफेद होने की समस्या से निजात पाने के लिए किया जाता है। साथ ही गुड़हल एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होता है और इसका इस्तेमाल एंटी-एजिंग के रूप में किया जाता है। इसके अलावा गुड़हल की पत्ती से बनी चाय का इस्तेमाल शरीर में स्फूर्ति जगाने के लिए भी किया जाता है।

कम नींद आने का इलाज

  1. सोने से पहले गर्म दूध पिएं : पुराने समय से ही यह बात बड़े - बुजुर्ग कहते आ रहे है कि सोने से पहले गर्म दूध पिएं, इससे नींद अच्‍छी आती है। दरअसल, गर्म दूध में अमीनो एसिड़ की मात्रा होती है जिससे अच्‍छी नींद आती है। इसलिए, अगर आपको कम नींद की शिकायत है तो सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध का सेवन करके आजमाएं।
  2. भूखे पेट न सोएं : भूखे पेट कभी नींद नहीं आती। हमेशा हेल्‍दी डिनर लें और उसके बाद ही सोएं। सोने के बाद भी आपका शरीर सुचारू रूप से चलता है जिसके लिए एनर्जी भी चाहिए होती है, अगर आप खाना नहीं खाकर सोंएगे तो शरीर में कमजोरी होगी और अच्‍छी नींद भी नहीं आएगी। सोने से पहले खाना ही खाएं न कि स्‍नैक्‍स या हल्‍का सा कोई भी रिफ्रेशमेंट।
  3. हर्बल टी पिएं : सोने से पहले कोई हर्बल टी पिएं जैसे - ग्रीन टी, नींबू टी या कैनोमाइल टी। इनको पीने से बॉडी में ताजगी आती है और नींद भी अच्‍छी लगती है। इस प्रकार की चाय में नींद को भगाने वाले तत्‍व नहीं होते है।
  4. टहलें : रात के खाने के बाद थोड़ी देर टहलें। टहलने से आपके शरीर में एक्‍टीविटी होगी और रक्‍त का संचार अच्‍छे से होगा। सोने से पहले टहलने से नींद अच्‍छी आती है।
  5. कैफीन की मात्रा कम लें : दिन में आप कॉफी पर्याप्‍त मात्रा में पी ही लेते है। लेकिन रात के खाने के बाद कॉफी का सेवन कम ही करें। कॉफी में कैफीन की मात्रा होती है जो नींद को भगा देती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि सोने से पहले कॉफी न पिएं, वरना आपको नींद नहीं आएगी और बैचेनी होगी।
  6. दिनचर्या सही रखें : सही दिनचर्या, सही नींद दिलाने में सबसे बड़ी सहायक होती है। रात को सही समय पर सोएं। सुबह सही समय पर उठें। तनाव मुक्‍त रहने के लिए मनोरंजन करें। लेकिन अपना दिन का शेड्यूल हमेशा सही रखें, वरना अच्‍छी नींद नहीं आएगी।
  7. धूम्रपान न करें : अगर आप धूम्रपान करते है तो ध्‍यान रखें कि सोने से पहले इसे न करें। सोने से पहले धूम्रपान करने से नींद भाग जाती है और उलझन भी होती है।
  8. आराम लें : बिस्‍तर पर जाने से पहले सारी टेंशन को दूर भगा दें। अगर आप कई चिंताओं के साथ बिस्‍तर पर जाएंगे तो आपको नींद नहीं आएगा और आ भी गई तो सिर्फ घंटे भर की, जिससे शरीर को नुकसान पहुंचेगा, इसलिए चिंता छोडें और आराम से सोएं।
  9. गहरी सांस लें : सोने से पहले गहरी और लम्‍बी सांस लें। अपनी बॉडी को ढीला छोड़ दें। रिलेक्‍स देने वाले कपड़े पहने। इससे ब्‍लड़ सर्कुलेयान अच्‍छा होगा और नींद अच्‍छी आएगी।
  10. परामर्श लें : अगर आपको इन उपायों के बाद भी अच्‍छी नींद नहीं आती है तो देर न करें और जल्‍दी से जल्‍दी अपने डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें। डॉक्‍टर कई प्रकार की थेरेपी बताएंगे जिससे आपको लाभ होगा और नींद भी अच्‍छी आएगी। कई बार हम अपनी दिक्‍कत को समझ नहीं पाते और डॉक्‍टर के पास जाने में हिचकिचाते हैं, घबराएं नहीं, डॉक्‍टरी सलाह लें और पूरी नींद लेकर खुशहाल जिंदगी जिएं।


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